डिबेंचर (Debenture) क्या है
डिबेंचर भी शेयर की तरह होता है, बस फर्क इतना होता है कि यह पूँजी का हिस्सा ना होकर, कम्पनी द्वारा पब्लिक से मांगा गया ऋण होता है। इस डिबेंचर पर कंपनियां प्रतिवर्ष, डिवीडेंड की जगह ब्याज देती है। कई कम्पनियां डिबेंचर को शेयर में स्थानांतरित करने का भी प्रावधान रखती हैं। आजकल डिबेंचर का प्रचलन कम हो गया है। यह बहुत ज्यादा सुरक्षित होते हैं अगर कंपनी डूब भी जाये तब भी उन्हें इन डिबेंचर धारको को उनका पैसा लौटना पड़ेगा, चाहे इस के लिए कंपनी को अपनी ज़मीन, मशीन, बिल्डिंग ही क्यों न बेचनी पड़े ,पर दूसरे शेयर में ऐसा नहीं होता यह इस हद तक सुरक्षित होते है की प्रेफर्ड शेयर से पहले डिबेंचर वालो का पैसा लौटना होता है बाद में प्रेफर्ड शेयर वालो का पैसा लौटना होता है| क़ानून में , डिबेंचर एक दस्तावेज है जो ऋण सृजित करता है या उसे स्वीकार करता है। कार्पोरेट वित्त में यह शब्द , पैसे उधार लेने के लिए बड़ी कंपनियों द्वारा प्रयुक्त मध्यम से दीर्घावधि ऋण लिखत के लिए इस्तेमाल होता है। कुछ देशों में इस शब्द को बांड , ऋण स्टॉक या नोट के लिए अंतर्बदल तौर पर उपयोग किया जाता है। आम तौर ...