अखबारों से कैसे निपटें
क्या-क्या पढ़ें? अखबार का भारी-भरकम आकार और उसमें छपने वाली खबरों की भरमार स्टूडेन्ट्स के दिमाग में कन्फ्यूजन पैदा करने के लिए पर्याप्त होते हैं। जैसे कोई बहुत भूखा व्यक्ति जल्दी-जल्दी में ढेर सारा खा जाना चाहता है- भले ही बाद में उससे उसका पेट खराब हो जाए- लगभग वही व्यवहार स्टूडेन्ट्स अखबारों के साथ करते हैं। दरअसल, वे यह समझ नहीं पाते कि अखबार एक ऐसा फोरम होता है जहाँ सबके लिए अपनी-अपनी तरह की गुंजाईश रहती है। उसमें रिक्शा चलाने वाले से लेकर देश चलाने वाले तक के लिए खबरें होती हैं, लेकिन सारी खबरें सबके लिए नहीं होतीं। प्रत्येक को अपने-अपने हिसाब से अपने लिए खबरों का चुनाव करना पड़ता है, और यही बात आप पर भी लागू होती है। अब जबकि आप अखबार को केवल समाचार जानने के लिए नहीं पढ़ रहे हैं, अब जबकि आप अखबार को केवल टाइमपास करने या मनोरंजन के लिए नहीं पढ़ रहे हैं, तो ज़ाहिर है कि आपको जानना चाहिए कि फिर आप पढ़ किसलिए रहे हैं। यदि आप सचमुच में आई.ए.एस. की तैयारी करने के लिए अखबार पढ़ रहें हैं, तो आपको दो फैसले तुरन्त कर लेने चाहिए। पहला फैसला यह कि इसमें जो कुछ भी छपा है, वह सब आपके काम क...