Posts

BASEL 3 Norms Tier 1 Tier 2 Meaning in Hindi

इस आर्टिकल में हम Basel Norms III और Tier 1 और Tier 2 के विषय में जानेंगे.  BASEL क्या है? What is BASEL? BASEL Switzerland के एक शहर का नाम है. BASEL norms की शुरुआत 1988 में की गयी. 2004 और 2011 में इसे फिर से अपडेट किया गया. BASEL norms के अंतर्गत वे बैंकिंग नोर्म्स तय किए गए हैं जिससे बैंकों को अपने औकात से बाहर लोन देने से रोका जा सके. अभी के डेट में BASEL-III norms लेटेस्ट नॉर्म है. चलिए इसे एक बकवास उदाहरण के साथ समझते हैं जो technically पूरी तरह से गलत है. सबसे पहले बैंक को अपने “Risk weighted assets” को कैलकुलेट करना होता है. Risk weighted assets को प्यार से RWA भी कहते हैं. सभी दिए गए नंबर काल्पनिक है:- लोन टाइप रिस्क फैक्टर कुल लोन का अमाउंट होम लोन 40% 10 crores कमर्शियल लोन 50% 30 crores गवर्नमेंट को दिया गया लोन 10% 60 crores कुल risk weighted assets  (RWA) 100% 100 crores यदि बैंक को अपना अस्तित्व बचाए रखना है तो उसके पास BASEL नोर्म्स के तहत  पर्याप्त   धनराशि अपने पास रखनी होगी.  उदाहरण के लिए, यदि बैंक के पास...

Daily GK Dose By Bankers Mantra 20 Oct 2016

Image
सुनील मिश्र ओड़िशा के नए मुख्य सूचना आयुक्त i.  बुधवार को ओड़िशा सरकार ने सेवानिवृत्त भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी एवं आयकर विभाग के पूर्व महानिदेशक सुनील मिश्र को राज्य का नया मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) नियुक्त किया है. ii.  राज्यपाल एस सी जमीर के अनुमोदन के बाद उनकी नियुक्ति की गई. पूर्व मुख्य सचिव तरुण कांति मिश्र के फरवरी 2015 में पद छोड़ने के बाद से यह पद खाली था. अभी राज्य के सूचना पैनल में दो सूचना आयुक्त, एल एन पटनायक और शशिप्रवा बिन्दानी हैं. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने सीआईपीएएम लोगो का लोकार्पण किया i.  वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारम ण ने 19 अक्टूबर को आईपीआर संवर्धन और प्रबंधन सेल (सीआईपीएएम) के लोगो का लोकार्पण किया. ii.  इस लोगो की अवधारणा राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) नीति के नारे "रचनात्मक भारत, अभिनव भारत" को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. iii.  आईपीआर संवर्धन और प्रबंधन सेल (सीआईपीएएम) डीआईपीपी के तहत आने वाला एक पेशेवर संगठन है जिसका गठन मई 2016 में सरकार द्वारा अनुमोदित राष्ट्रीय आईपीआर नीति को लागू करने क...

Banking Awareness By Bankers Mantra Part-10

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वर्ष 2015 के दौरान कुल कितनी बार रेपो दर (Repo Rate) में कटौती की? –  चार बार (उल्लेखनीय है कि चार बार में कुल 125 आधार अंकों (basis points) की कटौती रेपो दर में की गई जिसके चलते वर्ष के प्रारंभ में 8.00% पर काबिज रेपो दर वर्ष के अंत तक 6.75% पर पहुँच गई) आरबीआई द्वारा रेपो दरों में की गई चार कटौतियों के विवरण: 29 सितम्बर 2015  – 50 आधार अंक की कटौती (नई रेपो दर 6.75%) 2 जून 2015  – 25 आधार अंक की कटौती (नई रेपो दर 7.25%) 4 मार्च 2015  – 25 आधार अंक की कटौती (नई रेपो दर 7.50%) 4 जनवरी 2015  – 25 आधार अंक की कटौती (नई रेपो दर 7.75%) वर्तमान में भारतीय बैंकिंग क्षेत्र का सबसे नया बैंक कौन सा है जिसने 1 अक्टूबर 2015 को अपना संचालन शुरू किया? –  आईडीएफसी बैंक (IDFC Bank) कौन सा निजी बैंक 23 अगस्त 2015 को अपनी बैंकिंग सेवाएं शुरू कर वर्तमान में भारत का दूसरा सबसे नया बैंक है? –  बंधन बैंक (Bandhan Bank) देश के बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती के एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 31 अगस्त 2015 को कि...