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M0 M1 M2 M3 M4 मुद्रा की पूर्ति (Money Supply) के मापक
RBI (Reserve Bank of India) को कभी-कभी यह मूल्यांकन करना पड़ता है कि अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति कहाँ-कहाँ व्याप्त है? अर्थव्यवस्था में विस्तृत मुद्रा का जो स्टॉक है, वह कैसे और कहाँ circulate हो रहा है? इस मूल्यांकन के बाद ही RBI मुद्रा आपूर्ति (money supply) को घटाने-बढ़ाने पर पॉलिसी बनाती है जिससे उसे अर्थव्यवस्था को overall monitor करने में मदद मिलती है. Money Supply को देखकर ही RBI existing policy में change लाती है और money supply घटाती बढ़ाती है…Money Supply कैसे घटाती-बढ़ाती है, इसके लिए मैंने पहले भी आर्टिकल लिखा है|इस टॉपिक पर आगे बात करने से पहले हमें मुद्रा आपूर्ति (money supply) के विषय में ठीक से जान लेना होगा. Money Supply अर्थव्यवस्था में प्रचलित (circulated) मुद्रा की मात्रा (amount of money) है. यहाँ पर मुद्रा का मतलब सिर्फ नोट और सिक्के से नहीं हुआ, इसमें बैंक में जमा किये गए Demand और Time Deposits, Post Office Deposits etc. शामिल हैं. अर्थव्यवस्था में ये मुद्रा कहाँ-कहाँ व्याप्त हैं, इसके लिए RBI code words का प्रयोग करती है= M0, M1,...
MSF क्या होता है? Marginal Standing Facility in Hindi
MARGINAL STANDING FACILITY आज हम MSF की बात करेंगे जिसका फुल फॉर्म है – Marginal Standing Facility. MSF भी बैंकिंग से सम्बंधित टर्म है. भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति (2011-12) में सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) शुरू की थी. इसके अंतर्गत अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (Scheduled Commercial Bank) रिजर्व बैंक से, वर्तमान रेपो दर से 1% अधिक ब्याज दर पर पैसा उधार ले सकता है. यद्यपि उधार लेने की technique रेपो रेट के जैसी ही है….जैसे>> SBI ने यह कह कर RBI के पास बांड गिरवी रखी कि वह उसे बाद में अधिक दर पर खरीदकर वापस ले लेगा. इसमें भी बांड गिरवी रखकर लोन लिया जाता है. अक्सर अपने जमा और ऋण पोर्टफोलियो में imbalance होने के चलते बैंकों को तरलता की कमी का सामना करना पड़ता है. बैंकों में अचानक नकदी/तरलता की भारी कमी आ जाने पर MSF के माध्यम से RBI से धन उधार ले लिया जाता है. ये ल...



Comments
Iske saath 10 persent ki limit or lagade
Achha 😂😝 😝 hoga fir
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