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म.प्र. माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में विसंगति - कुछ विद्यार्थियों द्वारा हिंदी भाषा और अंग्रेजी भाषा में भी Normalization की माँग उठने लगी है ।

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म.प्र. माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में विसंगति किसी किसी शिफ्ट में केवल द्वितीय भाषा इंग्लिश एवं संस्कृत के लेवल में अंतर होने के कारण प्राप्तांको में बहुत अंतर आया है तीन खंडो में टॉप रहने वाले को इंग्लिश के कारण कम अंक प्राप्त हुए हैं तो तीन खंडो में कम अंक प्राप्त करने वाले को संस्कृत के कारण अधिक अंक (इसका उल्टा भी हो सकता है)अर्थात योग्य व्यक्ति को कम तो अयोग्य को अधिक इसलिए एक-एक शिफ्ट में इंग्लिश एवं संस्कृत वालो को अलग अलग वाँट कर नॉर्मलाईजेशन करने की मांग करना अत्यन्त आवश्यक है इसके लिए व्यापम एवं सरकार को पत्र लिखें और जरूरत पढे तो कोर्ट भी जा सकते हैं  म.प्र. माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में विसंगति - कुछ विद्यार्थियों द्वारा हिंदी भाषा और अंग्रेजी भाषा में भी Normalization की माँग उठने लगी है ।

पात्रता परीक्षा के प्रश्न सोशल मीडिया पर वायरल

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पात्रता परीक्षा के प्रश्न सोशल मीडिया पर वायरल 

आज के समाचार - हर एग्जाम का होगा एक सिलेबस एक परीक्षा के नंबर 2 साल तक मान्य होंगे - 1 मार्च 2019

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आज के समाचार - हर एग्जाम का होगा एक सिलेबस एक परीक्षा के नंबर 2 साल तक मान्य होंगे - 1 मार्च 2019 Peb का नया परीक्षा pattern बदलेगा ,बार-बार नही देना होगा एग्जाम । नई परीक्षा प्रणाली तैयार करने  का काम अंतिम दौर मे । विभिन्न विभागों  से मांगे सुझाब 

वर्ग 1 जीव विज्ञान हेतु वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान ही मान्य हैं?? बायोटेक्नोलॉजी माइक्रोबायोलॉजी बायोकेमिस्ट्री जेनेटिक्स मान्य नहीं हैं। इस पर भी केस होना चाहिए।

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वर्ग 1 जीव विज्ञान हेतु वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान ही मान्य हैं?? बायोटेक्नोलॉजी माइक्रोबायोलॉजी बायोकेमिस्ट्री जेनेटिक्स मान्य नहीं हैं। इस पर भी केस होना चाहिए।

मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती में बाहर के अन्य राज्य के अभ्यर्थी की आयु सीमा 25 वर्ष 25 वर्ष से अधिक आयु वाले अन्य राज्यों के अभ्यार्थी डॉक्युमेंट वेरीफिकेशन के समय भर्ती प्रक्रिया से बाहर👍😂

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मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती में बाहर के अन्य राज्य के अभ्यर्थी की आयु सीमा 25 वर्ष 25 वर्ष से अधिक आयु वाले अन्य राज्यों के अभ्यार्थी डॉक्युमेंट वेरीफिकेशन के समय भर्ती प्रक्रिया से बाहर👍😂

समास एवं उसके भेद

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                                  समास एवं उसके भेद समास- दो या दो से अधिक पदों के मेल से बने शब्द को समास कहते है । जैसे- गंगाजल –गंगा और जल , अनन्त–नहीं अंत समास के भेद- समास के मुख्यत: चार भेद हैं – तत्पुरुष , अव्ययीभाव , द्वंद्व और बहुब्रीहि । 1. तत्पुरुष समास – जिस समास में अंतिम पद प्रधान हो , उसे तत्पुरुष समास कहते हैं । इसमें पहला पद संज्ञा या विशेषण होता है । जैसे – ऋण से मुक्त- ऋणमुक्त , दान में वीर- दानवीर तत्पुरुष समास कर्म, करण, सम्प्रदान , अपादान, सम्बन्ध तथा अधिकरण कारक के कारकी चिन्हो को छोड़कर समस्त पद बनता है और जिस कारकीय चिन्ह को छोड़कर बनता है उसी कारक की संज्ञा धारण करता है । तत्पुरुष समास के प्रमुख भेद : तत्पुरुष समास के तीन प्रमुख भेद है – कर्मधारय समास , द्विगु समास और नञ समास । (i) कर्मधारय समास – जिस तत्पुरुष समास वाले शब्द के पहले और दूसरे खंड में विशेष-विशेषण या उपमान-उपमेय का सम्बन्ध हो उसे कर्मधारण समास कहते है । जैसे- महान है जो आत्मा- महात्मा , कमल के साम...

कारक एवं उसकी विभक्ति

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कारक एवं उसकी विभक्ति कारक – संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप या वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उसका सम्बन्ध सूचित करता हो उसे ‘ कारक ‘ कहते है | जैसे – रामचंद्र ने खरे जल के समुद्र पर बंदरो से पल बँधवा दिया | कारक का रथ व्याकरण में केवल ‘ करनेवाला ‘ नहीं होता है | वाक्य में वह संज्ञा और सर्वनामों में परसर्गों के सहारे अनेक अर्थ प्रकट करता है | इस अर्थ में उनके आठ भेद होते है | परसर्ग को विभक्ति चिन्ह भी कहते है | 1. कर्त्ता – ने, को 2. कर्म – को, शुन्य 3. करण – से 4. सम्प्रदान – को, के लिए 5. अपादान – से 6. सम्बन्ध – का, के, की 7. अधिकरण – में , पर 8. सम्बोधन – हे, अजी, अहो , अरे | 1. कर्त्ता कारक – वाक्य  में जो पद काम करने वाले के अर्थ में होता है उसे कर्त्ता कहते है | जैसे – मोहन पढता है | यहाँ कर्त्ता मोहन है , इसकी विभक्ति ‘ ने ‘ लुप्त है कर्त्ता के ‘ ने’ चिन्ह का प्रयोग – कर्त्ता के ने चिन्ह का प्रयोग निम्नलिखित परिस्थितियों में होता है – (A) ‘ ने ‘ का प्रयोग कर्त्ता के साथ होता है जब एकपदीय या संयुक्त क्रिया सकर्मक भूतकालिक होती है | केवल सामान्य भूत, आसन्न...